ख्यालात: जंगली हूं, जंगली रहने दो...

ख्यालात: जंगली हूं, जंगली रहने दो...

लोगों को शायद पता नहीं.. जंगली घोड़े की नाक मे नकेल डालने की कोशिश नहीं करनी चाहिये.... वो तुम्हारे बनाए दायरे के हिसाब से नही...

साँवले होठों वाली: मलंग तू, फ़कीर तू

साँवले होठों वाली: मलंग तू, फ़कीर तू

निर्मोही से प्रीत लगा मोह फिर क्यूँ बो रहा? मलंग तू, फ़कीर तू आज फिर क्यूँ रो रहा? फिर बोझ हृदय पर क्यूँ भारी सा रखा है ? निज...

The Taste in My Mouth...

The Taste in My Mouth...

For a very long time I have longed to talk to You. Longed, because There is a taste in my mouth, That may not be true. Now that I have...

सिद्धार्थ: ऐसे कुत्ते पाले क्यों ?

सिद्धार्थ: ऐसे कुत्ते पाले क्यों ?

कर्फू लगा शहर में देखो नाचें पी मतवाले क्यों ? जो उल्टा हमको ही काटें ऐसे कुत्ते पाले क्यों ? पीर परायी बसाई दिल में फिर ये चीख औ न...

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