बूंदी का लड्डू
दीवाली की छुट्टी को शर्मा जी पूरा एंजोय कर रहे थे। सुबह सुबह सभी रिश्तेदारो को फोन पर बधाई दी। दो - चार बर्फी और कुछ रसगुल्ले चाय के साथ...
दीवाली की छुट्टी को शर्मा जी पूरा एंजोय कर रहे थे। सुबह सुबह सभी रिश्तेदारो को फोन पर बधाई दी। दो - चार बर्फी और कुछ रसगुल्ले चाय के साथ...
कुछ कुछ देखा है पर समझ नही पाया, पहले लगा शायद मा बाप का प्यार ही प्रेम है, फिर समझ मे आया ये तो एक जाल है रीत में बाँधने का.....
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